अमीबा में खद्यो अंतर्ग्रहण , पाचन, अवशोषण एवम अनपचे भोजन का उत्सर्जन कैसे होता है ?



प्रश्न :- अमीबा में खद्यो अंतर्ग्रहण , पाचन, अवशोषण एवम अनपचे भोजन का उत्सर्जन कैसे होता है ?



उतर :-

अमीबा में खद्यो अंतर्ग्रहण , पाचन, अवशोषण एवम अनपचे भोजन का उत्सर्जन-

i). अमीबा अपनी सतह पर अँगुलियों जैसी अस्थायी प्रवर्ध बनता है | इन्हें कूटपाद कहते हैं | कूटपाद भोजन को घेरकर एक खाद्य-धानी बनाते हैं और स्वयं गायब हो जाते हैं |

ii). कोशिका द्रव्य में उपस्थित पाचक एंजाइम रिक्तिका या खाद्य-धानी में प्रवेश करते हैं और भोजन को पचाते हैं | खाद्य-धानी कोशिका में भ्रमण करती रहती है और पचे हुए भोजन के कण विसरित होकर कोशिका द्रव्य में मिलते रहते हैं |

iii). रिक्तिका घूमते घूमते कोशिका की सतह से चिपककर फट जाती है | तब अनपचा भोजन कोशिका से बाहर निकल जाती है |




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