प्रश्न :- नेफ्रान किसे कहते हैं ? उत्सर्जन में इसकी क्या भूमिका क्या है ?


उतर :-

गुर्दे के भीतर असंख्य वृक्क नलिकाए होती है जिन्हें अंग्रेजी में नेफ्रान कहते हैं |

उत्सर्जन में में नेफ्रान की भूमिका

वृक्क नलिकाए मूत्र छनन क्रिया से सीधे संबंधित होती है | वृक्क नलिका की रचना और कार्य का विवरण इस प्रकार है –
प्रत्येक नेफ्रान का एक सिरा कप जैसी रचना बनता है जिसे बोमेन कैप्सूल कहते हैं | इसके अन्दर रक्त कोशिकाओं का जाल होता है जिसे कोशिका गुच्छ कहते हैं | कोशिका गुच्छ में उच्च रक्त चाप के कारण उत्सर्जी पदार्थ छान कर बोमेन कैप्सूल में चले जाते हैं और वहां से कुंडलित नाल और हेनेल्स लूप से होते हुए संग्राहक नलिका में पहुँचते हैं | संग्राहक नलिका मूत्राशय तक जाती है | इसप्रकार छने हुए उत्सर्जी पदार्थ मूत्राशय में पहुँचते हैं जहाँ उन्हें समय-समय पर त्याग दिया जाता है |



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