छुई-मुई पादप में गति तथा हमारी टांग में होने वाली गति के तरीके में क्या अंतर है |




छुई-मुई पादप में गति
1). छुई-मुई पौधे में पतियाँ विशेष रूप से संवेदनशील होती है |
2). इनमे वैद्युत-रसायन विधि द्वारा सुचना भेजी जाती है |
3). यह गति पौधे के किसी अन्य अंग द्वारा नियंत्रित नहीं होती है |
4). पौधे में सुचना को गमित करने के लिए कोई विशेष उतक नहीं होते हैं |
5). जल की गति के कारण कोशिकाएं अपने आकार में परिवर्तन कर लेती है |

मानव के टांग में होने वाली गति
1). मानव की टांग में स्पर्श से गति नहीं होती है |
2). तंत्रिकाए टांग में सुचना पहुंचाती है जिसके परिणामस्वरूप वह गमन करती है |
3). इस गति पर मस्तिष्क एवम मेरुरज्जु का नियंत्रण होता है |
4). कुछ कोशिकाए गति करते समय अपने आकर में परिवर्तन कर लेती है |
5). जल की मात्रा का टांग की गति पर कोई प्रभाव  नहीं पड़ता |


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